फैमिली पेंशन पर विवाहित बेटियों का भी हक

Feb 18, 2019

फैमिली पेंशन पर विवाहित बेटियों का भी हक

पिता की मौत के बाद सरकारसे मिलने वाली फैमिली पेंशन से विवाहित बेटी को वंचित नहीं किया जा सकता है। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है। न्यायाधिकरण के सदस्य के.एन. श्रीवास्तव ने ममता देवी के हक में फैसला देते हुए यह टिप्पणी की है। महिला अपने पति से अलग रह रही है। न्यायाधिकरण ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को उस दिन से फैमिली पेंशन दे जब से बंद किया गया है। न्यायाधिकरण ने रेलवे के 2016 के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत वर्ष 2013 में कानून में किए गए संशोधन के बाद याचिकाकर्ता को मिलने वाली फैमिली पेंशन को बंद कर दिया गया था। न्यायाधिकरण ने कहा है कि कानून में संशोधन के तीन साल बाद याचिकाकर्ता को मिलने वाली पेंशन रद्द करना एकतरफा कार्रवाई है। फिरोजाबाद निवासी ममता के पिता भीम सेन रेलवे में वर्ष 1978 से गैंगमेन की नौकरी कर रहे थे। वर्ष 2005 में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के करीब तीन साल बाद जनवरी, 2008 से ममता व उनके दो भाइयों को फैमिली पेंशन मिलने लगी। इस बीच पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया गया। इसके करीब तीन साल बाद रेलवे ने नियमों का हवाला देकर ममता की पेंशन बंद कर दी।

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