मेरठ भविष्य निधि कार्यालय में कर्मचारियों के शोषण की इंतहा

Dec 12, 2020

मेरठ भविष्य निधि कार्यालय में कर्मचारियों के शोषण की इंतहा हो गई है कर्मचारियों को गाज़ियाबाद से भागकर मेरठ इसलिए जाना पड़ता है की उनको अपनी तिथि , नाम , पिता का नाम या नियुक्ति तिथि को सही करवाने के लिए। लेकिन यहाँ के बाबू श्रमिकों को कई बार चक्कर लगवाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं करते हैं और अपने सुविधा शुल्क के चक्कर में कर्मचारियों को चक्कर लगवाते रहते हैं। इन बाबुओं ने कसम खा रखी है की बिना किसी से सुविधा शुल्क लिए कोई भी कार्य नहीं करना है फिर वो चाहे कोई भी हो तभी तो भाजपा के एक पूर्व स्वर्गीय विधायक की बहू जो पिछले 4 महीने से अपने पी एफ अंशदान की निकासी के लिए कई बार आवेदन कर चुकी हैं लेकिन हर बार कोई न कोई ऑब्जेक्शन लगाकर उसे रिजेक्ट कर दिया जाता है। जब इस सम्बन्ध में सहायक भविष्य निधि आयुक्त अतर सिंह से बात करी गई तो उन्होंने भी प्रयास किया लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। अब इससे यहाँ के बाबुओं का दिमाग कितना खराब हो गया है इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सबसे बड़ी एवं आश्चर्य की बात तो ये है की यहाँ पर यदि कोई क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करवाना चाहे तो उनके पास समय ही नहीं है तथा उनसे मिलने ही नहीं दिया जाता है। एक कर्मचारी जो की कंपनी से एक साल पहले रिटायर हो चुके हैं वे अपना पी एफ सिर्फ अपने नाम में त्रुटि होने की वजह से नहीं निकाल पा रहे हैं जबकि विभाग दावा कर रहा है की अब जिस दिन कर्मचारी रिटायर होगा उसका पैसा उसी दिन उसे मिल जायेगा जबकि कर्मचारी को स्वागत कक्ष से ही भगा दिया जाता है। इस सम्बन्ध में श्रम मंत्री संतोष गंगवार से भी शिकायत दर्ज की गई है तथा प्रधानमन्त्री को भी पत्र लिखा गया है। 
यदि इसी तरह श्रमिकों का शोषण के बाबू करते रहे तो सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में किये जा रहे तमाम प्रयासों को धक्का लगेगा और प्रधानमंत्री द्वारा किये जा रहे श्रम सुधारों के प्रति भी श्रमिकों का गुस्सा कभी भी उबल सकता है। हिन्द मजदूर सभा के महासचिव आर पी सिंह चौहान ने इस सम्बन्ध में श्रम मंत्री एवं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है की मेरठ पी एफ विभाग की अविलम्ब सीबीआई जाँच करवाई जाये तथा यहाँ के अधिकारीयों एवं कर्मचारियों की भी जाँच करवाई जाये ताकि असलियत सामने आ सके। क्योंकि जिस तरह से इस विभाग द्वारा श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है वह अत्यंत निन्दनीय है तथा मेरे पास सभी के सबूत उपस्थित हैं।   

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