सरकार 100+ कर्मचारियों वाली कंपनियों के लिए PF दे सकती है

Apr 20, 2020

सरकार 100+ कर्मचारियों वाली कंपनियों के लिए PF दे सकती है

सरकार नौकरी में कटौती को रोकने के लिए इच्छुक है | इसलिए जल्द ही नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के भविष्य निधि अंशदान का भुगतान 100 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में कर सकती है। इस बारे में एक घोषणा एक आर्थिक पैकेज का हिस्सा हो सकती है जिसकी जल्द ही घोषणा होनी है, एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने "यूवी इण्डिया न्यूज़"  को बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 26 मार्च को घोषित किए गए 1.7 लाख करोड़ के पैकेज के हिस्से के रूप में यह घोषणा हो चुकी है। जिसमे सरकार ने कहा था कि वह 15,000 से कम आय वालों के संपूर्ण भविष्य निधि योगदान का भुगतान करेगी। जो 100 लोगों को रोजगार देने वाली कंपनियों में प्रति माह 15,000 से कम कमाते हैं, जहां कम से कम 90%  कर्मचारी प्रति माह 15,000 से कम का वेतन पाते हैं। तो यह तीन महीने के लिए था और कुल अनुमानित लागत 4,800 करोड़ थी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के छह करोड़ ग्राहक हैं। वर्तमान प्रस्ताव में 100 श्रमिकों की सीमा को शिथिल करने की मांग की गयी थी और 90% श्रमिकों को प्रति माह 15,000 का वेतन मिलना चाहिए इस नियम को हटाने की माँग की गयी है। अधिकारी ने कहा, "100 कर्मचारियों की यह सीमा पूरी तरह से या अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों को कवर करने के लिए बढ़ाई जा सकती है|" अधिकारी ने विचार-विमर्श के माध्यम से "यूवी इण्डिया न्यूज़" को बताया। एक कर्मचारी के मूल वेतन का सामान्य पीएफ योगदान 24% है, जिसमें से 12% कर्मचारी से आता है और बाकी नियोक्ता से। अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा, "सरकार दो परिदृश्यों के तहत अतिरिक्त वित्तीय निहितार्थ निकाल रही है|सीमा को पूरी तरह से हटा देना या इसे पर्याप्त रूप से बढ़ाना जिसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा।"सरकारी योगदान पर प्रारंभिक सीमा अत्यंत सख्त थी क्योंकि यह एमएसएमई को राहत देने के लिए लक्षित किया गया था जो कोविड -19 वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए चल रहे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण एमएसएमई को लाभ दे सके लेकिन यह कोई भी लाभ नहीं दे सका है। अब सरकार पर दबाव है कि नियोक्ताओं पर बोझ कम करने और नौकरी के नुकसान और वेतन कटौती को रोकने के लिए सभी प्रतिष्ठानों को कवर करने के लिए इसे बढ़ाएं। श्रम मंत्रालय ने पहले ही ईपीएफओ को नौकरी के नुकसान या वेतन कटौती पर एक जमीनी स्तर का आकलन करने और एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है जो शीर्ष नीति निर्माताओं के समक्ष रखी जा सकती है।

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