₹7,145 करोड़ से बनेगा कानपुर–कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे
यात्रा समय साढ़े तीन घंटे से घटकर डेढ़ घंटा होगा, बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
कानपुर–कबरई के बीच 117.7 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है। लगभग ₹7,145.14 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना चार लेन की होगी, जिसे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस परियोजना को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर विकसित करेगा। इसके साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के मौजूदा कानपुर–कबरई खंड का संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा।
नए हाईवे के निर्माण से कानपुर और कबरई के बीच यात्रा का समय करीब साढ़े तीन घंटे से घटकर डेढ़ घंटा रह जाएगा। सड़क को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे माल और यात्री परिवहन अधिक तेज एवं सुगम हो सकेगा।
बुंदेलखंड के विकास को मिलेगी गति
यह परियोजना कानपुर को सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगी। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्रों को खनिज-संपन्न बुंदेलखंड, कृषि क्षेत्रों और विनिर्माण इकाइयों से जोड़ने वाला आधुनिक आर्थिक गलियारा विकसित होगा।
प्रस्तावित मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-34, राष्ट्रीय राजमार्ग-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से जोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप यह परियोजना 16 आर्थिक केंद्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करेगी। इनमें रानिया, नौबस्ता, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ के औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटीग्रेटेड टाउनशिप, जालौन ग्रोथ सेंटर, कानपुर मेगा लेदर क्लस्टर तथा प्रमुख औद्योगिक एवं औषधि इकाइयां शामिल हैं।
हाईवे से फतेहपुर, महोबा, कानपुर प्राणी उद्यान, बुद्ध पार्क और कई धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी। इसके अतिरिक्त कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और बांदा रेलवे स्टेशनों के साथ कानपुर, चकेरी तथा खजुराहो हवाई अड्डों की संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।
यह परियोजना बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स लागत एवं यात्रा समय कम करने के साथ औद्योगिक निवेश, कृषि व्यापार, पर्यटन और रोजगार सृजन को नई गति दे सकती है।
