अशोक कटारिया बने भाजपा गाजियाबाद महानगर के प्रभारी, संगठनात्मक अनुभव के साथ मिली नई जिम्मेदारी

विद्यार्थी परिषद से प्रदेश संगठन और सरकार तक विभिन्न दायित्व निभा चुके पूर्व मंत्री को सौंपी गई महानगर की जिम्मेदारी

 

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व परिवहन मंत्री अशोक कटारिया को गाजियाबाद महानगर का प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश में संगठनात्मक स्तर पर घोषित नए प्रभारियों की सूची में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के संदर्भ में यह नियुक्ति महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी संगठन, युवा मोर्चा और भाजपा के प्रदेश संगठन में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके कटारिया अपने साथ व्यापक संगठनात्मक अनुभव लेकर आए हैं।

 

अशोक कटारिया की राजनीतिक यात्रा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुई। उनके आधिकारिक जीवन परिचय के अनुसार, वह वर्ष 1990 में विद्यार्थी परिषद से जुड़े। छात्र संगठन में सक्रियता के बाद उन्हें 1994 में मुरादाबाद और 1996 में मेरठ में संगठन मंत्री का दायित्व मिला। इसके बाद उन्होंने बरेली में भी विभाग संगठन मंत्री के रूप में कार्य किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन क्षेत्रों में काम करने से उन्हें विद्यार्थी और युवा संगठन की गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।

 

युवा राजनीति में उनकी सक्रियता आगे चलकर भारतीय जनता युवा मोर्चा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का आधार बनी। वर्ष 2001 में उन्हें युवा मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाया गया और 2004 में वह उत्तर प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने। इसके बाद भाजपा के प्रदेश मंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री जैसे पदों पर उन्होंने संगठनात्मक दायित्व निभाए। वर्ष 2013 में प्रदेश उपाध्यक्ष तथा 2016 में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिलने के साथ उनकी भूमिका प्रदेश स्तर पर और व्यापक हुई।

 

संगठन के साथ कटारिया को विधायी और प्रशासनिक कार्यों का भी अनुभव है। वर्ष 2018 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने। अगस्त 2019 में उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार में परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने मार्च 2022 तक मंत्री के रूप में कार्य किया। इस दौरान परिवहन विभाग के संचालन और संसदीय कार्यों से जुड़े दायित्व उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रहे।

 

उनके आधिकारिक जीवन परिचय में कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी कामगारों और विद्यार्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का विशेष उल्लेख है। इसमें गाजियाबाद और नोएडा की सीमाओं पर घर लौटने के लिए एकत्र हुए कामगारों के लिए परिवहन व्यवस्था तथा यूक्रेन से लौटे उत्तर प्रदेश के निवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने के कार्य का भी विवरण दिया गया है। ये अनुभव उनके प्रशासनिक कार्यकाल के महत्वपूर्ण पक्ष रहे।

 

गाजियाबाद महानगर का प्रभारी बनाए जाने से कटारिया की संगठनात्मक यात्रा में एक नया दायित्व जुड़ा है। विद्यार्थी परिषद से लेकर भाजपा के प्रदेश संगठन तक उनका अनुभव इस भूमिका की प्रमुख पृष्ठभूमि है। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उनकी नियुक्ति को महानगर संगठन में समन्वय और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा सकता है।