एनसीआर में एयर टैक्सी नेटवर्क की तैयारी, शहरी परिवहन को मिलेगी नई दिशा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और शहरों के बीच तेज संपर्क विकसित करने के लिए एयर टैक्सी आधारित परिवहन व्यवस्था की योजना तैयार की जा रही है। एनसीआर योजना बोर्ड ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयर टैक्सी, ड्रोन और मानवरहित हवाई वाहनों का व्यापक नेटवर्क विकसित करने की संभावनाओं पर काम शुरू किया है।
योजना के तहत हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के प्रमुख शहरों तथा जिला मुख्यालयों में वर्ष 2030 तक एयर टैक्सी और यूएवी के लिए सुरक्षित लैंडिंग, टेक-ऑफ एवं पार्किंग सुविधाएं विकसित करने की सिफारिश की गई है। इन केंद्रों को वर्टीपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों के साथ सामान और कूरियर सेवाओं का संचालन भी संभव होगा।
एयर टैक्सी नेटवर्क को हवाई अड्डों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। इससे आपातकालीन सेवाओं, कारोबारी यात्राओं, पर्यटन और वीआईपी आवागमन में तेजी आने की संभावना है। पुलिस को ड्रोन और एयर टैक्सी के माध्यम से यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा निगरानी में भी सहायता मिल सकेगी।
अगले दशक में विकसित होने वाली एयर टैक्सियों के लिए इलेक्ट्रिक प्रणोदन, हाइड्रोजन फ्यूल-सेल तकनीक, विशेष चार्जिंग सुविधाएं और सुरक्षित ऊर्जा भंडारण प्रणाली तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और कम प्रदूषण वाली तकनीकों को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विमानन सुरक्षा मानकों, परिचालन नियमों और नियामकीय ढांचे का निर्माण आवश्यक होगा। बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था विकसित होने के बाद एयर टैक्सी एनसीआर की परिवहन प्रणाली में महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।
