न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, उद्योगों हेतु 40 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र के रूप में विकसित होने वाले ‘न्यू नोएडा’ के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अगस्त से शुरू करने की योजना है। परियोजना के प्रथम चरण में 37 गांवों का जमीनी सर्वेक्षण और भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा।
इनमें गौतमबुद्ध नगर के 13 और बुलंदशहर के 24 गांव शामिल हैं। राजस्व विभाग की टीमें स्वामित्व विवरण, उत्तराधिकार संबंधी दावों, भूमि की सीमाओं, वर्तमान उपयोग, फसलों, निर्माण, सड़कों और अन्य परिसंपत्तियों का सत्यापन करेंगी। अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष कार्याधिकारी के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों की अलग टीम गठित की गई है।
न्यू नोएडा को गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 84 गांवों में करीब 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। परियोजना को प्रमुख विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब के रूप में तैयार करने की योजना है। कुल भूमि का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित रहेगा।
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे से जुड़ाव इस क्षेत्र को विशेष रणनीतिक महत्व प्रदान करेगा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा गाजियाबाद से इसकी निकटता उद्योगों, निर्यातकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को आकर्षित करने के साथ एनसीआर के बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित कर सकती है।
परियोजना को वर्ष 2041 तक चार चरणों में विकसित करने का लक्ष्य है। पहले चरण में 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास वर्ष 2027 तक प्रस्तावित है। इसके बाद 2027 से 2032 के बीच 3,798 हेक्टेयर, वर्ष 2037 तक 5,908 हेक्टेयर और अंतिम चरण में वर्ष 2041 तक 8,230 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र विकसित करने की योजना है।
भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद सड़क, जल निकासी, सीवर प्रणाली, बिजली आपूर्ति और जलापूर्ति सहित आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इसके पश्चात औद्योगिक भूखंडों का सीमांकन कर उन्हें कंपनियों, विनिर्माताओं और लॉजिस्टिक्स इकाइयों को आवंटित किया जाएगा। भूमि के लिए करीब 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की मुआवजा दर निर्धारित की गई है।
