नोएडा में हिंडन रिवर फ्रंट की बड़ी योजना: 29,315 करोड़ रुपये के निवेश से बदलेगी नदी किनारे की तस्वीर
हिंडन नदी के किनारे लंबे समय से अतिक्रमण और अव्यवस्थित विकास की समस्या से जूझ रहे गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित हिंडन रिवर फ्रंट परियोजना के माध्यम से नदी के दोनों किनारों का पुनर्विकास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 29,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे तीन चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
परियोजना का उद्देश्य केवल नदी तट का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि हिंडन के आसपास एक सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्र विकसित करना भी है। योजना के अंतर्गत नदी के दोनों ओर हरियाली, सार्वजनिक मनोरंजन क्षेत्र, पैदल मार्ग और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार के साथ आसपास की शहरी अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
प्रस्तावित परियोजना के लिए तैयार कार्ययोजना के अनुसार करीब 15,000 करोड़ रुपये भूमि खरीदने, 380 करोड़ रुपये भूमि संबंधी कार्यों, 2,425 करोड़ रुपये छह लेन सड़क निर्माण, 120 करोड़ रुपये सड़क किनारे पत्थर एवं सुरक्षा कार्य, 150 करोड़ रुपये तटबंध निर्माण तथा लगभग 7,240 करोड़ रुपये भूमि विकास पर खर्च किए जाने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त लगभग 10,000 परिवारों के पुनर्वास पर करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
परियोजना को धरातल पर उतारने की सबसे बड़ी चुनौती हिंडन नदी के किनारे विकसित अवैध कॉलोनियों और अन्य अतिक्रमणों को हटाना होगी। बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापन को देखते हुए पुनर्वास परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। प्रशासन को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और संबंधित विभागों के बीच समन्वय के स्तर पर भी व्यापक तैयारी करनी होगी।
योजना को तीन चरणों में विकसित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा, जो डीएससी रोड ब्रिज से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे रोड ब्रिज तक प्रस्तावित है। दूसरे चरण में करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड तक विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में लगभग 8 किलोमीटर का हिस्सा एनएच-24 से बिसरख रोड ब्रिज तक विकसित करने की योजना है।
परियोजना के पहले चरण में ही कुल काम का लगभग 50 प्रतिशत पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित विकास के तहत लोगों के बैठने, घूमने और मनोरंजन के लिए सार्वजनिक स्थल तैयार किए जाएंगे। नदी किनारे हरित क्षेत्र बढ़ाने से प्रदूषण नियंत्रण, शहरी तापमान में कमी और स्थानीय पारिस्थितिकी को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
इस परियोजना को पहले भी धरातल पर उतारने का प्रयास किया गया था, लेकिन भूमि से जुड़े विवादों और अधिग्रहण संबंधी चुनौतियों के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब इसे नए सिरे से विस्तृत योजना के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी है। संबंधित प्राधिकरण परियोजना के लिए धनराशि जुटाने और वित्तीय व्यवस्था तय करने की प्रक्रिया पर भी काम कर रहा है।
हिंडन रिवर फ्रंट परियोजना को यदि नियोजित तरीके से लागू किया जाता है तो यह नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना साबित हो सकती है। नदी तट संरक्षण, बेहतर सड़क संपर्क, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं और पुनर्विकास को एकीकृत करने वाली यह योजना क्षेत्र के दीर्घकालिक शहरी स्वरूप में बड़ा बदलाव ला सकती है।
