भारत में लगेंगे 1,000 बायोगैस और जैव उर्वरक संयंत्र
भारत-जापान साझेदारी से ग्रामीण रोजगार, स्वच्छ ऊर्जा, एआई और जैव प्रौद्योगिकी को मिलेगा बढ़ावा
भारत और जापान ने ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। भारत-जापान बायोगैस पहल के अंतर्गत देश में 1,000 बायोगैस और जैव उर्वरक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना से गोबरधन अभियान को मजबूती मिलने, गांवों में रोजगार एवं आय के नए अवसर बनने तथा स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। जैविक उर्वरक का उत्पादन कृषि लागत कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक होगा।
दोनों देश बैटरी तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएंगे। यह साझेदारी भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रौद्योगिकी सहयोग के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित संयुक्त बयान जारी किया गया है। कई प्रमुख भारतीय संस्थानों ने जापानी साझेदारों के साथ समझौते किए हैं। जापान की उन्नत तकनीक और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का संयोजन वैश्विक एआई विकास को गति दे सकता है।
फार्मा, चिकित्सा उपकरण और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हुए समझौतों के जरिए दोनों देश किफायती, विश्वसनीय और उन्नत स्वास्थ्य समाधान विकसित कर उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगे।
